ऋषिकेश: उत्तराखंड का ऋषिकेश देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के बीच अपनी प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक महत्व और एडवेंचर टूरिज्म के लिए जाना जाता है। लेकिन शहर में स्थानीय परिवहन व्यवस्था को लेकर पर्यटकों और आम यात्रियों की परेशानियां लगातार चर्चा का विषय बन रही हैं। ऑनलाइन कैब, निजी टैक्सी और ऑटो की उपलब्धता तथा किराए को लेकर यात्रियों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
पर्यटकों का कहना है कि Uber जैसी ऑनलाइन कैब सेवा पर राइड बुक करने के बाद कुछ ड्राइवरों द्वारा ऐप में दिखाई गई राशि के बजाय कई गुना अधिक किराए की मांग की जाती है। आरोप है कि लगभग 300 रुपये की राइड के लिए यात्रियों से 1500 से 2000 रुपये तक की रकम मांग दी जाती है। जब यात्री निर्धारित या उचित किराए पर चलने की बात करते हैं तो कथित तौर पर ड्राइवर राइड कैंसिल करने के लिए कहते हैं या राइड को ही कैंसिल कर देते हैं।
ऋषिकेश में ऑनलाइन कैब से सफर करने वाले यात्रियों की शिकायत है कि ऐप पर दिखाई देने वाले किराए और ड्राइवर द्वारा मौके पर मांगे जा रहे किराए में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। यात्रियों के मुताबिक, छोटी दूरी की राइड के लिए भी कई बार अतिरिक्त रकम की मांग की जाती है।
यदि कोई यात्री ऐप पर दिख रही कीमत के अनुसार भुगतान करने की बात करता है तो कथित तौर पर कुछ ड्राइवर राइड कैंसिल करने की बात कहते हैं। इससे खासतौर पर बाहर से आने वाले पर्यटकों को परेशानी होती है, क्योंकि उन्हें स्थानीय परिवहन व्यवस्था की पूरी जानकारी नहीं होती।

ऑनलाइन कैब के अलावा ऋषिकेश में निजी टैक्सी और कैब के किराए को लेकर भी यात्रियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। यात्रियों का कहना है कि लगभग 10 किलोमीटर की दूरी के लिए भी कई बार हजारों रुपये तक किराया बताया जाता है, जो सामान्य पर्यटक या मध्यमवर्गीय परिवार के बजट से बाहर हो सकता है।
पर्यटन स्थल पर आने वाले परिवार, बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले लोगों के लिए ऐसी स्थिति और अधिक परेशानी पैदा कर सकती है। यात्रियों का कहना है कि किसी पर्यटन शहर में स्थानीय परिवहन का किराया स्पष्ट, पारदर्शी और नियंत्रित होना जरूरी है, ताकि पर्यटकों को सफर के दौरान अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
परिवहन व्यवस्था से जुड़ी एक अन्य समस्या ऑटो स्टैंड और निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों को लेकर बताई जा रही है। आरोप है कि कुछ ऑटो चालक Uber या अन्य ऑनलाइन कैब चालकों द्वारा यात्रियों को लेने और छोड़ने पर आपत्ति करते हैं।
यात्रियों के अनुसार, कुछ स्थानों पर ऑनलाइन कैब ड्राइवर द्वारा अपनी सवारी को पिक करने की कोशिश करने पर ऑटो चालकों के साथ विवाद की स्थिति बन जाती है। कई बार कथित तौर पर बहस, धक्का-मुक्की और मारपीट तक की नौबत आने की शिकायतें सामने आती हैं।
इस तरह की स्थिति न केवल यात्रियों के लिए असुविधाजनक है, बल्कि ऋषिकेश जैसे प्रमुख पर्यटन शहर की छवि पर भी असर डाल सकती है। बाहर से आने वाले पर्यटक यदि परिवहन को लेकर असुरक्षित या परेशान महसूस करते हैं तो इसका सीधा असर पर्यटन अनुभव पर पड़ता है।
ऋषिकेश में हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक धार्मिक यात्रा, योग, रिवर राफ्टिंग, एडवेंचर टूरिज्म और आसपास के पर्यटन स्थलों को देखने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में शहर के भीतर और आसपास के क्षेत्रों तक आसानी से पहुंचने के लिए भरोसेमंद और उचित दर वाला परिवहन बेहद जरूरी है।
लेकिन यदि यात्रियों को कैब बुक करने के बाद अलग किराया बताया जाए, राइड स्वीकार करने के बाद अधिक रकम मांगी जाए, किराया कम करने की मांग पर राइड कैंसिल कर दी जाए या कैब को सवारी लेने से रोका जाए, तो पर्यटकों के सामने आवागमन की बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।
इन शिकायतों के बीच उत्तराखंड के परिवहन मंत्री और परिवहन विभाग/RTO से मांग है कि ऋषिकेश में ऑनलाइन कैब, निजी टैक्सी और ऑटो संचालन की व्यवस्था की समीक्षा की जाए। यात्रियों द्वारा लगाए जा रहे किराए से जुड़े आरोपों की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अधिकृत सेवाएं निर्धारित नियमों और पारदर्शी किराया व्यवस्था के तहत संचालित हों।
इसके साथ ही ऑनलाइन कैब चालकों और स्थानीय ऑटो चालकों के बीच विवाद की स्थिति को रोकने के लिए भी स्पष्ट व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। यदि किसी क्षेत्र में कैब पिकअप और ड्रॉप को लेकर प्रतिबंध या निर्धारित स्थान हैं तो उनकी जानकारी यात्रियों और ड्राइवरों को स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
ऋषिकेश की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए पर्यटकों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना केवल यातायात व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि पर्यटन व्यवस्था से भी जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।
जरूरत इस बात की है कि Uber, Ola, निजी टैक्सी, स्थानीय ऑटो और अन्य परिवहन सेवाओं के संचालन को लेकर स्पष्ट नियम और निगरानी व्यवस्था हो। यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने, ऐप पर बुक की गई राइड को अनुचित तरीके से कैंसिल करने या सवारी को लेकर सड़क पर विवाद की स्थिति पैदा होने जैसी शिकायतों पर संबंधित विभाग को गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए।
परिवहन विभाग द्वारा नियमित जांच, किराया सूची की निगरानी, शिकायत के लिए हेल्पलाइन और पर्यटक क्षेत्रों में विशेष निगरानी जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएं तो यात्रियों को राहत मिल सकती है।
ऋषिकेश आने वाले पर्यटक उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की अव्यवस्थित परिवहन व्यवस्था या यात्रियों से कथित मनमाने किराए की शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उत्तराखंड सरकार, परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा जीऔर संबंधित RTO से अपील है कि ऋषिकेश की परिवहन व्यवस्था से जुड़ी इन शिकायतों का संज्ञान लेकर वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाए।
साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि पर्यटकों को उचित किराए पर सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा मिले, Uber तथा अन्य कैब चालकों और स्थानीय ऑटो चालकों के बीच अनावश्यक विवाद न हों और ऋषिकेश में पर्यटन व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो।
ऋषिकेश केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि देश-विदेश से आने वाले लाखों लोगों के लिए उत्तराखंड का महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार भी है। इसलिए यहां की परिवहन व्यवस्था पारदर्शी, सुरक्षित और पर्यटक-अनुकूल होना बेहद जरूरी है।