The Bharat Live Desk:
प्रख्यात साहित्यकार डॉ. राही मासूम रज़ा की जन्मशती के अवसर पर वर्ष भर चलने वाली 100 कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत, माटी ट्रस्ट ने एएएफटी, संस्कृति मंत्रालय और इंडियनऑयल के सहयोग से मरवा स्टूडियो, फिल्म सिटी, नोएडा में अपना छठा कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया।
मुख्य अतिथि औंजनेय कुमार सिंह, आईएएस ने अपने संबोधन में कहा: राही मासूम रज़ा आज और भी अधिक प्रासंगिक हैं। उन्होंने हमें बहुलता और राष्ट्रवाद के साथ जीना सिखाया। प्रशासक के रूप में और नागरिक के रूप में, भारत को समझने के लिए हमें राही को पढ़ने की आवश्यकता है। गंगौली से मुंबई तक की उनकी यात्रा हमें सिखाती है कि जड़ों से जुड़े रहकर भी वैश्विक हुआ जा सकता है।
संदीप मारवाह ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा: राही मासूम रज़ा भारतीय सिनेमा और साहित्य की आत्मा थे। हम मानते हैं कि साहित्य के बिना सिनेमा अधूरा है। हमें गर्व है कि यह ऐतिहासिक जन्मशती समारोह मरवा स्टूडियो में आयोजित हो रहा है, जहाँ उनके धारावाहिक नीम का पेड़ की शूटिंग हुई थी। राही का कार्य युवा पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।
माटी ट्रस्ट के संयोजक और जन्मशती श्रृंखला के क्यूरेटर आसिफ आज़मी ने अपने भाषण में कहा: राही साहब केवल एक लेखक नहीं थे, वे भारतीयता की आवाज़ थे। यह जन्मशती केवल एक श्रद्धांजलि नहीं है, बल्कि उनकी साहित्यिक विरासत और राष्ट्रवादी चेतना को अगली पीढ़ी तक ले जाने का संकल्प है। माटी ट्रस्ट ने 100 कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया है और यह उसी यात्रा का छठा कदम था।
कार्यक्रम में दो प्रमुख प्रस्तुतियां थीं: राही के मीटर / मात्रा / मिसरा-ए-तरह पर आधारित कवि सम्मेलन और राही के जीवन और साहित्यिक यात्रा पर आधारित कहानी प्रस्तुति दास्तान-ए-राही।
कवि सम्मेलन में असलम हसन (आईआरएस), अज़ीज़ नाबील, अंजुम बाराबंकवी, एडमिरल खुर्रम नूर, अहमद अलवी, संजय चतुर्वेदी, मीरा नवेली और सादिया अलीम ने काव्य पाठ किया।
दास्तान का मंचन दरैन शहीदी और राजेश कुमार ने किया, जिसका निर्देशन महमूद फारूकी ने और निर्माण अनुषा रिज़वी ने किया था। इस प्रस्तुति में राही के जीवन और साहित्यिक सफर को दर्शाया गया और इसे दर्शकों की भरपूर सराहना मिली।