जकार्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत और इंडोनेशिया की सोच समान है। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के दौरान इंडोनेशिया मजबूती से भारत के साथ खड़ा रहा, जिसके लिए उन्होंने इंडोनेशियाई नेतृत्व और जनता का आभार व्यक्त किया।
पीएम मोदी ने कहा, “आतंकवाद जैसे मुद्दों पर हम हमेशा एक साथ खड़े रहे हैं। पिछले वर्ष जब भारत के पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ था, तब इंडोनेशिया ने दृढ़ता से भारत का समर्थन किया।” उन्होंने बताया कि दोनों देश जॉइंट वर्किंग ग्रुप के माध्यम से आतंकवाद-रोधी सहयोग को और मजबूत बना रहे हैं।
दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम-बहुल देशों में शामिल इंडोनेशिया ने पहलगाम आतंकी हमले की शुरुआती दौर में ही कड़ी निंदा की थी। उस समय इंडोनेशिया के राष्ट्रपति Prabowo Subianto ने कहा था कि कश्मीर में हुआ यह आतंकी हमला इंडोनेशिया में अपनाए जाने वाले इस्लाम की शिक्षाओं के विपरीत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।
भारत में इंडोनेशिया की तत्कालीन राजदूत Ina Hagningtyas Krisnamurthi ने इस हमले को “जघन्य अपराध” बताते हुए कहा था कि किसी भी परिस्थिति में आतंकवाद को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय ने भी इस हमले को “घिनौना आतंकवादी कृत्य” बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की थी और कहा था कि यह मानवाधिकार, शांति और सुरक्षा के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन है।
22 अप्रैल 2025 को Pahalgam में आतंकवादियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। हमले के बाद भारत ने 6–7 मई 2025 की रात ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक सैन्य तनाव बना रहा, जिसके बाद 10 मई को युद्धविराम लागू हुआ।