नई दिल्ली, 20 सितंबर 2026: पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी स्थित एक फाइव स्टार होटल में आयोजित कार्यक्रम को लेकर विवाद सामने आया है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने आरोप लगाया है कि होटल में बड़ी संख्या में लोगों को कथित तौर पर प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। विहिप का दावा है कि कार्यक्रम का विरोध और कथित गतिविधियों की वीडियो रिकॉर्डिंग करने पहुंचे कुछ नागरिकों के साथ मारपीट की गई तथा उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं।
इस मामले में जनकपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने की बात कही गई है। शिकायत में डायरी संख्या 94-A का उल्लेख किया गया है। विहिप इंद्रप्रस्थ प्रांत के प्रान्त मंत्री सुनील सूरी ने पुलिस और प्रशासन से मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, 20 सितंबर 2026 को जनकपुरी स्थित हयात होटल में एक सभा आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 150 से 200 लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, इनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी शामिल थे।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर एक धार्मिक गतिविधि के माध्यम से लोगों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन दिए जा रहे थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्यक्रम में वास्तव में क्या गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जब कुछ हिंदू नागरिकों ने कार्यक्रम को लेकर आपत्ति जताई और वहां की गतिविधियों की वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की, तो आयोजकों और वहां मौजूद लोगों के बीच विवाद हो गया।
शिकायत में गंभीर मारपीट, धक्का-मुक्की और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने कथित धमकियों के संबंध में भी पुलिस को जानकारी देने और घटना से जुड़े वीडियो व फोटो साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, स्थिति बिगड़ने पर उन्होंने मौके से निकलकर अपनी जान बचाई।
घटना की सूचना मिलने के बाद बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने और पुलिस से कार्रवाई की मांग करने की बात कही गई है।
विहिप ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी व्यक्ति ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
विहिप दिल्ली प्रांत के मंत्री सुनील सूरी ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संगठन के अनुसार दिल्ली में धार्मिक गतिविधियों की आड़ में कथित धर्मांतरण की शिकायतें गंभीर विषय हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
सूरी ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच की जानी चाहिए तथा यदि हमले और धमकी के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
विहिप ने पुलिस-प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
1. FIR और कानूनी कार्रवाई: संगठन ने शिकायत में बताए गए आरोपों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की लागू धाराओं के तहत FIR दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
2. होटल और फंडिंग की जांच: विहिप ने कार्यक्रम के लिए होटल में किए गए हॉल बुकिंग, भुगतान, आयोजन से जुड़े दस्तावेजों और कथित वित्तीय स्रोतों की जांच की मांग की है।
3. शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा: संगठन ने शिकायतकर्ताओं और प्रत्यक्षदर्शियों को सुरक्षा देने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
फिलहाल मामले में सामने आए धर्मांतरण और हमले से जुड़े आरोप शिकायतकर्ताओं तथा विहिप की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच, उपलब्ध वीडियो-फोटो साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और कार्यक्रम से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विहिप ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने और व्यापक जन-आंदोलन करने पर विचार करेगा।