नई दिल्ली, 12 सितंबर: मशहूर फिक्शन राइटर और कवयित्री मीना खान के पहले फिक्शन कलेक्शन ‘और जन्नत लूट आई’ और इसके हिंदी अनुवाद ‘हम से रोते सारे ख़ाब’ का भव्य लॉन्च समारोह नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के एनेक्सी लेक्चर हॉल नंबर-2 में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा, पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने शिरकत की।
इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित लॉन्च समारोह में साहित्य, शिक्षा, पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियां हुईं शामिल

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर खालिद महमूद ने की। वहीं जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के जस्टिस मुहम्मद अकरम चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कर्नाटक के प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं नूर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के डायरेक्टर अयाज खान विशिष्ट अतिथि रहे। इसके अलावा ब्रिगेडियर सुशील तंवर, VSM, आसिफ इकबाल, चेयरमैन, इंडिया इकोनॉमिक ट्रेड ऑर्गनाइजेशन, नई दिल्ली समेत कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रोफेसर खालिद महमूद ने मीना खान की रचनात्मक क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि मीना खान ने अपनी कहानियों में जिंदगी के अलग-अलग रंगों, इंसानी जज़्बात और सामाजिक सच्चाइयों को बेहद संवेदनशील और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि ‘और जन्नत लूट आई’ महज कहानियों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह हमारे दौर की मानवीय परेशानियों, संवेदनाओं और भावनात्मक जटिलताओं को सामने लाने वाली एक महत्वपूर्ण साहित्यिक कोशिश है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मीना खान की रचनात्मक प्रतिभा उर्दू कहानी के भविष्य के लिए नई संभावनाएं पैदा करेगी।
मुख्य अतिथि जस्टिस मुहम्मद अकरम चौधरी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि साहित्य किसी भी समाज की भावनाओं, चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि मीना खान की कहानियों में इंसानी जिंदगी के विभिन्न पहलुओं को जिस खूबसूरती और गहराई के साथ प्रस्तुत किया गया है, वह सराहनीय है। उन्होंने हिंदी अनुवाद ‘हम से रोते सारे ख़ाब’ को भी महत्वपूर्ण पहल बताया और कहा कि इससे उर्दू कहानियों को पढ़ने वाले पाठकों का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद है।
किताब पर चर्चा के दौरान कई जाने-माने साहित्यकारों और लेखकों ने अपने विचार रखे। इनमें मशहूर शॉर्ट स्टोरी राइटर एवं लेखिका नईमा जाफ़री पाशा, कवयित्री एवं लेखिका अज़रा नक़वी, मशहूर कलमकार और पत्रकार डॉ. वसीम राशिद, प्रसिद्ध शॉर्ट स्टोरी राइटर एवं लेखिका डॉ. रख्शंदा रोही मेहदी, नज़र बाजनूरी और शैबान कादरी शामिल रहे।
वक्ताओं ने मीना खान की शॉर्ट स्टोरी राइटिंग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने उनकी कहानियों में मौजूद संवेदनशीलता, मानवीय भावनाओं और सामाजिक सरोकारों को रेखांकित करते हुए कहा कि ‘और जन्नत लूट आई’ उर्दू शॉर्ट स्टोरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साहित्यिक कृति के रूप में सामने आती है।
कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध कवि और लेखक मोइन शादाब ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों को प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए साहित्य और कहानी लेखन से जुड़े पहलुओं को चर्चा के केंद्र में रखा।
समारोह के अंत में डॉ. रख्शंदा रोही मेहदी और किताब की लेखिका मीना खान ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान मीना खान की साहित्यिक और रचनात्मक कोशिशों की जमकर सराहना की गई। वक्ताओं ने उम्मीद जताई कि ‘और जन्नत लूट आई’ और इसका हिंदी अनुवाद ‘हम से रोते सारे ख़ाब’ पाठकों के बीच अपनी खास पहचान बनाएंगे और मीना खान की रचनात्मक आवाज़ उर्दू साहित्य के क्षेत्र में और व्यापक रूप से सुनी जाएगी।