ब्यूरो चीफ / आरती राय
नई दिल्ली। हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर देशभर में पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश दिया गया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में ‘वृक्ष मित्र परिवार’ द्वारा 31 राज्यों में 50 हजार से ज्यादा पौधे लगाए गए।
दिल्ली में तालकटोरा स्टेडियम के पास पीबीजी ग्राउंड, सेंट्रल रेंज में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मंत्रीगण, सांसद, अधिकारी, किसान, युवा और बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया। पौधों में जल अर्पण और वंदे मातरम् के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसके बाद सामूहिक पौधारोपण किया गया।
‘पेड़ लगाना ही नहीं, बचाना भी जरूरी’
श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हरियाली अमावस्या केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाना आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने जैसा है, लेकिन पौधारोपण के साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प भी जरूरी है।
उन्होंने देशवासियों से अपील की कि हर नागरिक साल में कम से कम एक पेड़ लगाए और पांच अन्य लोगों को इस अभियान से जोड़े। जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ और बच्चों के जन्म जैसे अवसरों को ‘वृक्ष पर्व’ के रूप में मनाने का भी आह्वान किया।
पर्यावरण से खेती तक सीधा संबंध
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पर्यावरण असंतुलन का सीधा असर खेती, पानी, मिट्टी और मानव स्वास्थ्य पर पड़ता है। किसानों के लिए पानी की उपलब्धता और जमीन की सेहत बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने मिशन लाइफ, ऊर्जा बचत और प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने पर भी जोर दिया।
‘वृक्ष मित्र परिवार’ बना हरित जनआंदोलन का चेहरा
देशभर के गांवों, कस्बों, पंचायतों और संस्थानों में लोगों ने अभियान से जुड़कर पौधे लगाए। कृषि विश्वविद्यालयों, ICAR, DARE, KVKs और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों की भागीदारी ने अभियान को व्यापक बनाया।
इस अभियान का संदेश साफ है—पौधा लगाना शुरुआत है, उसकी देखभाल करना असली जिम्मेदारी। ‘वृक्ष मित्र परिवार’ अब प्रकृति-प्रेम, जनभागीदारी और हरित संकल्प को देशव्यापी जनआंदोलन में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।