Reported by/Arti rai
नई दिल्ली, 24 अगस्त 2026
दिल्ली के ईस्ट डिस्ट्रिक्ट में साइबर ठगी के एक बड़े मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। PS Cyber East की टीम ने लक्ष्मी नगर इलाके में चलाए जा रहे कथित फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर खुद को Air India का HR प्रतिनिधि बताकर नौकरी की तलाश कर रहे लोगों से संपर्क करते थे। उन्हें विशेष रूप से ग्राउंड-ड्यूटी की नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था। नौकरी के नाम पर रजिस्ट्रेशन और अन्य रोजगार संबंधी शुल्क के बहाने पीड़ितों से UPI के जरिए पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे।
₹14 हजार की नौकरी, ₹14,500 की ठगी
पुलिस को यह मामला National Cyber Crime Reporting Portal (NCRP) के जरिए मिली शिकायत से सामने आया। छत्तीसगढ़ निवासी शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे एक व्यक्ति ने फोन किया और खुद को Air India का HR प्रतिनिधि बताया।
कथित HR प्रतिनिधि ने Air India में नौकरी दिलाने के लिए ₹14,000 भुगतान करने को कहा। नौकरी की पेशकश को वास्तविक समझकर शिकायतकर्ता ने ₹14,500 UPI के जरिए ट्रांसफर कर दिए।
पैसे भेजने के बाद जब नौकरी से जुड़ी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी, तो शिकायतकर्ता को ठगी का एहसास हुआ और उसने साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
ATM से निकाली गई ठगी की रकम
जांच के दौरान पुलिस ने उस बैंक खाते को ट्रेस किया, जिसमें कथित तौर पर ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। जांच में सामने आया कि रकम को बाद में ईस्ट डिस्ट्रिक्ट में स्थित ATM से निकाला गया था।
इसके आधार पर FIR No. 69/2026, दिनांक 20 अगस्त 2026, को PS Cyber, East District, Delhi में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
लक्ष्मी नगर तक पहुंची पुलिस की जांच
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खाते को Md. Zaid निवासी वजीराबाद, दिल्ली से जुड़ा पाया। पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और उसे लक्ष्मी नगर से गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान कथित तौर पर दो महिलाओं के साथ उसके संबंध और इस फर्जीवाड़े में उनकी भूमिका सामने आई। आगे की जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी कथित तौर पर लक्ष्मी नगर में एक कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे।
ऐसे चल रहा था कथित फर्जी नौकरी रैकेट
पुलिस के अनुसार, आरोपी कई मोबाइल नंबरों और SIM कार्ड का इस्तेमाल कर नौकरी तलाशने वाले लोगों से संपर्क करते थे।
उनकी कथित कार्यप्रणाली कुछ इस तरह थी:
📞 नौकरी तलाशने वालों को फोन किया जाता था।
🏢 खुद को Air India का HR प्रतिनिधि बताया जाता था।
✈️ खासतौर पर ग्राउंड-ड्यूटी पदों पर नौकरी का ऑफर दिया जाता था।
💰 रजिस्ट्रेशन और अन्य नौकरी संबंधी शुल्क के नाम पर पैसे मांगे जाते थे।
📲 पीड़ितों से अलग-अलग बैंक खातों में UPI के जरिए रकम ट्रांसफर कराई जाती थी।
🏧 रकम को आसपास के ATM से निकाला जाता था।
💵 इसके बाद कथित तौर पर रकम आरोपियों के बीच बांटी जाती थी।
पुलिस के मुताबिक, एक आरोपी महिला कथित तौर पर पिछले करीब तीन महीनों से इस कॉल सेंटर को संचालित करने में शामिल थी।
कॉल सेंटर से मिले कई मोबाइल और SIM कार्ड
पुलिस ने लक्ष्मी नगर स्थित कथित कॉल सेंटर के परिसर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में मोबाइल फोन और SIM कार्ड बरामद किए गए।
पुलिस की बड़ी बरामदगी
📱 06 स्मार्टफोन
📞 03 कीपैड मोबाइल फोन
📶 कई SIM कार्ड
💵 ₹25,000 नकद
पुलिस के अनुसार, बरामद SIM कार्डों में वह SIM भी शामिल है, जिसका कथित तौर पर मौजूदा ठगी के मामले में इस्तेमाल किया गया था।
दो अन्य साइबर शिकायतों से भी जुड़ा कनेक्शन
जांच के दौरान पुलिस को कथित आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे कुछ मोबाइल नंबरों से संबंधित दो अन्य NCRP शिकायतें भी मिली हैं।
इससे पुलिस को आशंका है कि आरोपी केवल एक व्यक्ति को ही निशाना बनाने तक सीमित नहीं थे और इस नेटवर्क के जरिए अन्य नौकरी तलाशने वालों को भी ठगी का शिकार बनाया गया हो सकता है।
पुलिस अब कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और तलाश कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों की इसी तरह के अन्य साइबर अपराधों में क्या भूमिका रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल
1. Md. Zaid उम्र: 30 वर्ष
निवासी: वजीराबाद, दिल्ली
शिक्षा। : स्कूल ड्रॉपआउट
वर्तमान स्थिति: बेरोजगार
2. महिला आरोपी
उम्र: 24 वर्ष
निवासी: वजीराबाद, दिल्ली
शिक्षा: BA द्वितीय वर्ष की पढ़ाई छोड़ दी
पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर आर्थिक लाभ के लिए ठगी की गतिविधि में शामिल।
3. महिला आरोपी
उम्र: 21 वर्ष
निवासी: मेन मार्केट, लक्ष्मी नगर, दिल्ली
शिक्षा: 12वीं पास
पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर दूसरी महिला के साथ काम करने के बाद इस गतिविधि में शामिल हुई।
पुलिस टीम की कार्रवाई
इस साइबर फ्रॉड केस को सुलझाने में PS Cyber, East District की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जांच टीम में:
SI Anshul
W/HC Amrita
Ct. Arjun
शामिल रहे।
यह कार्रवाई SHO/PS Cyber-East इंस्पेक्टर Pawan Yadav के नेतृत्व और ACP-OPS श्री Pavan Kumar की निगरानी में की गई।
पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
नौकरी के नाम पर ठगी से रहें सावधान
पुलिस ने नागरिकों और नौकरी तलाशने वाले युवाओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। आजकल साइबर ठग प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम और उनके अधिकारियों की पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगने की कोशिश कर रहे हैं।
किसी भी कंपनी में नौकरी के नाम पर अचानक फोन आने और रजिस्ट्रेशन, इंटरव्यू, सिक्योरिटी या अन्य शुल्क के नाम पर पैसे मांगे जाने पर पूरी तरह सत्यापन करना बेहद जरूरी है।
साइबर ठगी से बचने के लिए ध्यान रखें
❌ WhatsApp, SMS या अनजान स्रोतों से आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
❌ किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN या पासवर्ड साझा न करें।
❌ बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति को न दें।
❌ कार्ड की डिटेल या अन्य संवेदनशील वित्तीय जानकारी साझा न करें।
❌ किसी अनजान व्यक्ति को मोबाइल या कंप्यूटर का Remote Access न दें।
✅ नौकरी के ऑफर की संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट/स्रोत से पुष्टि करें।
✅ नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वाले व्यक्ति या एजेंसी की विश्वसनीयता जांचें।
ठगी हो जाए तो तुरंत करें ये काम
अगर किसी नागरिक के साथ साइबर फ्रॉड हो जाता है, तो पुलिस ने सलाह दी है कि वह बिना देरी किए Cyber Crime Helpline 1930 पर शिकायत दर्ज कराए।
इसके अलावा National Cyber Crime Reporting Portal के माध्यम से भी साइबर अपराध की शिकायत की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर नागरिक अपने नजदीकी Cyber Police Station से भी संपर्क कर सकते हैं।