नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में PG बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद अब इस मामले को लेकर राजनीतिक विरोध भी तेज हो गया है। सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों और निगम पार्षदों ने सत्य निकेतन से जुड़े BJP विधायक अनिल शर्मा के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इलाके में संचालित हो रहे PG और जर्जर इमारतों की स्थिति को लेकर दिल्ली सरकार और भाजपा शासित नगर निगम से जवाब मांगा।
प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के बुराड़ी विधायक संजीव झा सहित कई AAP पार्षद और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने की घटना को लेकर जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में भाजपा सरकार और भाजपा शासित MCD की कथित लापरवाही के कारण लोगों की सुरक्षा खतरे में है। AAP नेताओं ने सवाल उठाया कि आखिर कब तक दिल्ली में असुरक्षित और नियमों के विपरीत संचालित इमारतों की वजह से लोगों की जान जोखिम में पड़ती रहेगी।
AAP नेताओं का कहना है कि सत्य निकेतन जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में PG संचालित होते हैं और यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र एवं युवा रहकर पढ़ाई या नौकरी करते हैं। ऐसे में PG भवनों की सुरक्षा, फायर सेफ्टी, स्ट्रक्चरल सेफ्टी और अन्य जरूरी नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
AAP नेताओं ने भाजपा सरकार से सत्य निकेतन इलाके में चल रहे सभी PG की सूची सार्वजनिक करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सरकार और MCD को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि इलाके में कितने PG संचालित हो रहे हैं और इनमें से कितने PG निर्धारित नियमों एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप चल रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि प्रशासन ऐसे सभी PG और इमारतों का निरीक्षण कराए, जहां सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की आशंका है। यदि किसी भवन में गंभीर खामी पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे को समय रहते रोका जा सके।
AAP नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि सत्य निकेतन इलाके में अवैध रूप से संचालित PG या खतरनाक इमारतें मौजूद हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई कब की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने भाजपा सरकार और MCD से जवाबदेही तय करने की मांग की।
AAP की ओर से आरोप लगाया गया कि सरकार को केवल हादसा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही भवनों की सुरक्षा जांच करनी चाहिए। नेताओं ने कहा कि PG में रहने वाले छात्रों और युवाओं की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने सत्य निकेतन क्षेत्र में संचालित PG की व्यापक जांच कराने की मांग की। इसमें भवन की संरचनात्मक मजबूती, फायर सेफ्टी व्यवस्था, बिजली कनेक्शन, निकासी मार्ग और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच शामिल करने की मांग की गई।
AAP नेताओं का कहना है कि सरकार को एक पारदर्शी सूची जारी करनी चाहिए, जिसमें यह जानकारी हो कि कौन-कौन से PG वैध रूप से संचालित हैं और किन PG के खिलाफ नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की गई है।
सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने की घटना ने राजधानी में किराए पर रहने वाले छात्रों और युवाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। दिल्ली के कई इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र और नौकरीपेशा युवा PG एवं किराए के मकानों में रहते हैं।
ऐसे में सवाल यह है कि क्या संबंधित एजेंसियों की ओर से इन भवनों का नियमित निरीक्षण किया जाता है? क्या सभी PG में जरूरी सुरक्षा मानक लागू हैं? क्या भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच समय-समय पर होती है? और यदि किसी भवन में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उस पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं होती?
AAP नेताओं ने इन्हीं सवालों को उठाते हुए भाजपा सरकार और MCD से जवाब मांगा है।
सत्य निकेतन PG हादसे के बाद दिल्ली की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। जहां आम आदमी पार्टी ने BJP सरकार और MCD पर कथित लापरवाही का आरोप लगाया है, वहीं इस पूरे मामले में संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
हादसे के कारणों, भवन की स्थिति, निर्माण एवं संचालन से जुड़े दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों के पालन की जांच के बाद ही जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल AAP नेताओं ने मांग की है कि सत्य निकेतन इलाके में चल रहे सभी PG की सूची सार्वजनिक की जाए, उनके दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की जांच कराई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के दौरान AAP नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि “अवैध PG और खतरनाक इमारतों पर कार्रवाई आखिर कब होगी?”
सत्य निकेतन हादसे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रशासन भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है और PG में रहने वाले छात्रों एवं युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किस स्तर पर कार्रवाई की जाती है।