पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंदन (24), निवासी गुरुग्राम, हरियाणा और इमरान (34), निवासी कोटला मुबारकपुर, दिल्ली के रूप में की है। पुलिस ने इनके कब्जे/निशानदेही से चोरी के सामान में चांदी की 2 जोड़ी पायल, 3 जोड़ी बिछिया, एक कलाई घड़ी, एक परफ्यूम की बोतल, एक CCTV कैमरा तथा वारदात के दौरान पहने गए कपड़े बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, 25 अगस्त 2026 को थाना सरोजिनी नगर में लक्ष्मी बाई नगर इलाके में सेंधमारी की घटना को लेकर PCR कॉल प्राप्त हुई थी। इसके बाद 26 अगस्त 2026 को e-FIR संख्या 80071042/26 के तहत BNS की धारा 305/331(3) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले को सुलझाने के लिए थाना सरोजिनी नगर की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के अलावा आसपास के इलाकों और संदिग्ध रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने लगातार CCTV फुटेज का विश्लेषण किया। इसके साथ ही तकनीकी जांच और फील्ड वेरिफिकेशन के जरिए संदिग्ध की पहचान करने के प्रयास किए गए। पुलिस का कहना है कि इन प्रयासों के बाद चंदन की पहचान हुई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर चोरी का माल खरीदने वाले इमरान को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी चंदन पहले गुरुग्राम में बढ़ई का काम करता था और बाद में वेल्डर के रूप में काम करने लगा। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि वह दिल्ली आता-जाता था और सुनसान या खाली पड़े मकानों तथा क्वार्टरों को निशाना बनाता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी तार, नल, लोहे का सामान और अन्य कीमती वस्तुओं को चोरी करता था। चोरी किए गए तार और लोहे के सामान को बाद में स्थानीय कबाड़ी/स्क्रैप डीलर के जरिए बेच दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार, चंदन पहले भी 5 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। इनमें 4 मामले थाना साउथ कैंपस और एक मामला थाना हौज खास, दिल्ली में दर्ज बताया गया है।
वहीं, दूसरा आरोपी इमरान कबाड़ कारोबारी है और पुलिस के मुताबिक इस मामले में चोरी की संपत्ति प्राप्त करने वाला आरोपी है। पुलिस ने बताया कि वह कथित तौर पर चोरी के तार और लोहे के सामान को खरीदने तथा आगे निपटाने का काम करता था।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई के जरिए थाना सरोजिनी नगर के दो मामलों को वर्क आउट किया गया है:
पुलिस अब बरामद सामान के संबंध में आगे की जांच कर रही है और यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों की गतिविधियों से जुड़े अन्य मामलों या चोरी की घटनाओं में उनकी कोई भूमिका थी या नहीं।