ऑपरेशन मिलाप: 159 गुमशुदा लोगों की घर वापसी, दिल्ली पुलिस दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने परिवारों के चेहरों पर लौटाई मुस्कान

एक महीने में 27 गुमशुदा/अपहृत बच्चों समेत 159 लोगों को दिल्ली पुलिस ने खोज निकाला, सुरक्षित परिवारों से मिलाया | इस साल अब तक 1,149 गुमशुदा व्यक्ति और बच्चे बरामद

Reported by/Arti Rai

नई दिल्ली | 2 सितंबर 2026

दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने “ऑपरेशन मिलाप” के तहत गुमशुदा बच्चों और लोगों को तलाशकर उन्हें सुरक्षित उनके परिवारों से मिलाने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस के मुताबिक, 1 अगस्त 2026 से 31 अगस्त 2026 के बीच कुल 159 गुमशुदा व्यक्ति/बच्चे बरामद किए गए। इनमें 27 गुमशुदा/अपहृत बच्चे और 132 गुमशुदा वयस्क शामिल हैं। पुलिस की इस कार्रवाई ने कई परिवारों को राहत दी और लंबे समय से अपनों की तलाश कर रहे परिजनों के चेहरों पर खुशी लौटाई।

इस साल अब तक 1,149 गुमशुदा लोग बरामद

दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 31 अगस्त 2026 तक कुल 1,149 गुमशुदा व्यक्ति/बच्चों को बरामद किया जा चुका है। इनमें: 296 बच्चे ,853 वयस्क शामिल हैं।

CCTV से लेकर बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों तक चला सर्च ऑपरेशन

गुमशुदगी या अपहरण की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने तत्काल तलाश अभियान शुरू किया। पुलिस टीमों ने स्थानीय स्तर पर पूछताछ के साथ-साथ कई माध्यमों का इस्तेमाल किया।

तलाश अभियान के दौरान:

  • CCTV फुटेज की जांच की गई।
  • गुमशुदा बच्चों और व्यक्तियों की तस्वीरें ऑटो स्टैंड, ई-रिक्शा स्टैंड, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शित की गईं।
  • बस चालकों और कंडक्टरों से पूछताछ की गई।
  • स्थानीय दुकानदारों और वेंडरों से जानकारी जुटाई गई।
  • स्थानीय मुखबिरों को तलाश अभियान में शामिल किया गया।
  • आसपास के पुलिस थानों के रिकॉर्ड खंगाले गए।
  • नजदीकी अस्पतालों के रिकॉर्ड की भी जांच की गई।

इन सभी प्रयासों के समन्वित परिणाम के रूप में अगस्त महीने में 159 गुमशुदा लोगों को तलाशकर सुरक्षित उनके परिवारों से मिलाया गया।

किन थानों ने कितने लोगों को तलाशा»

1. थाना वसंत विहार:
1 नाबालिग लड़की और 6 वयस्कों को बरामद किया गया। इनमें 4 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल थीं।

2. थाना आर.के. पुरम:
1 नाबालिग लड़का और 5 वयस्क बरामद किए गए। इनमें 3 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल थीं।

3. थाना साउथ कैंपस:
1 गुमशुदा महिला को तलाशकर परिवार से मिलाया गया।

4. थाना वसंत कुंज नॉर्थ:
1 नाबालिग लड़का और 3 वयस्क बरामद किए गए। इनमें 2 पुरुष और 1 महिला शामिल थी।

5. थाना वसंत कुंज साउथ:
2 नाबालिग लड़कियों के साथ 22 वयस्कों को बरामद किया गया। इनमें 8 पुरुष और 14 महिलाएं शामिल थीं।

6. थाना कापसहेड़ा:
5 नाबालिग बच्चे—1 लड़का और 4 लड़कियां—तथा 35 वयस्क बरामद किए गए। इनमें 15 पुरुष और 20 महिलाएं थीं।

7. थाना पालम विलेज:
2 नाबालिग बच्चे—1 लड़का और 1 लड़की—तथा 18 वयस्क बरामद किए गए। इनमें 9 पुरुष और 9 महिलाएं शामिल थीं।

8. थाना सागरपुर:
3 नाबालिग बच्चे—1 लड़का और 2 लड़कियां—तथा 13 वयस्क बरामद किए गए। इनमें 6 पुरुष और 7 महिलाएं शामिल थीं।

9. थाना दिल्ली कैंट:
8 गुमशुदा वयस्कों को तलाशा गया, जिनमें 2 पुरुष और 6 महिलाएं शामिल थीं।

10. थाना सरोजिनी नगर:
1 नाबालिग लड़की और 8 वयस्क बरामद किए गए। इनमें 4 पुरुष और 4 महिलाएं थीं।

11. थाना एस.जे. एन्क्लेव:
1 नाबालिग लड़की और 6 वयस्क बरामद किए गए। इनमें 5 पुरुष और 1 महिला शामिल थी।

12. थाना किशनगढ़:
3 नाबालिग लड़कियों और 6 वयस्कों को बरामद किया गया। इनमें 2 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल थीं।

13. AHTU/SWD:
7 नाबालिग बच्चे—2 लड़के और 5 लड़कियां—तथा 1 गुमशुदा महिला को बरामद किया गया।

पिछले वर्षों से गुम लोगों को भी तलाशा गया

दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने अगस्त में चलाए गए अभियान के दौरान केवल वर्ष 2026 में गुम हुए लोगों को ही नहीं, बल्कि पिछले वर्षों से गुम व्यक्तियों को भी तलाशने में सफलता हासिल की।बरामद किए गए लोगों का वर्षवार विवरण:

  • 2019: 1 पुरुष
  • 2022: 1 पुरुष
  • 2025: 4 व्यक्ति — 1 नाबालिग लड़की और 3 वयस्क, जिनमें 1 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल
  • 2026: 153 व्यक्ति — 26 नाबालिग, जिनमें 7 लड़के और 19 लड़कियां, तथा 127 वयस्क, जिनमें 57 पुरुष और 70 महिलाएं शामिल

‘ऑपरेशन मिलाप’ से परिवारों में लौटी उम्मीद

दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने “ऑपरेशन मिलाप” के माध्यम से एक बार फिर यह साबित किया कि गुमशुदा लोगों की तलाश केवल एक पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि परिवारों को उनके अपनों से मिलाने की मानवीय जिम्मेदारी भी है।

पुलिस की तेज कार्रवाई, व्यवस्थित जांच, CCTV और स्थानीय स्तर पर पूछताछ तथा विभिन्न स्थानों पर व्यापक तलाश के चलते अगस्त महीने में 159 लोगों को सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया गया।

पुलिस ने कहा कि ऑपरेशन मिलाप के तहत टीमों का समर्पण, पेशेवर रवैया और संवेदनशील दृष्टिकोण आगे भी जारी रहेगा, ताकि गुमशुदा बच्चों और व्यक्तियों को जल्द से जल्द उनके परिवारों से मिलाया जा सके।

 

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